SEO क्या है और कैसे किया जाता है – पूरी जानकारी

SEO क्या है, दोस्तों अगर आपने अभी अपनी ऑनलाइन journey शुरू की है जिसमे आपका कोई ब्लॉग है या फिर आप डिजिटल मार्केटिंग की दुनिया में जॉब शुरू की है |

जिसमे अब आपको पता लग रहा है की एक शब्द है SEO जिसे बहुत खास माना जा रहा है और हर कोई एक्सपर्ट आपको सलाह दे रहा है की अगर आपको ऑनलाइन अपनी सफर में सफलता हासिल करनी है तो SEO के बारे में समझो और इसे सीखो |

दोस्तों पहली बात तो ये की जो भी आदमी आपको ये सलाह दे रहा है की अगर आप अपने ऑनलाइन करियर में सफलता पाना चाहते हो तो आपको SEO के बारे में जानना होगा, उसे समझना होगा और सीखना होगा | वो आदमी आपको बिलकुल सही बता रहे हैं |

क्योंकि ऑनलाइन journey में ट्रैफिक का सबसे अहम रोल होता है | वो भी ऐसा ट्रैफिक जो टार्गेटेड हो, तभी आप ऑनलाइन आपका जो Goal है वो कम्पलीट हो सकता है |

अब आपने बहुत अच्छा ब्लॉग तो बना लिया जिसमे आपने अपने niche को लेकर क्वालिटी और यूनिक कंटेंट लिखा है या फिर आपकी जो वेबसाइट है उसमे आपने अपने प्रोडक्ट के बारे में अच्छे से बताया है |

लेकिन उसका आपको फायदा तभी होगा जब आपके ब्लॉग/वेबसाइट पर views आएंगे यानि ट्रैफिक आएगा वो भी ऐसे लोग आने चाहिए जिनको आपके niche में इंटेरेस्ट हो या फिर वो जरुरत-मंद हो आपके प्रोडक्ट को पाने के लिए |

अब दोस्तों ऐसा ट्रैफिक आपके ब्लॉग या वेबसाइट पर तभी आ सकता है जब आपके ब्लॉग पोस्ट या वेबसाइट के पेज गूगल जो की अभी दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजन है जहाँ पर हर दिन करोड़ों लोग सवाल पूछते हैं उस जगह पर आपका पोस्ट या पेज फर्स्ट पेज में टॉप पर रैंक होगा |

और आपका ब्लॉग पोस्ट या वेबसाइट पेज तभी गूगल के फर्स्ट पेज के टॉप पर रैंक हो सकता है जब आपको SEO की जानकारी होगी, आपने अच्छे से अपने ब्लॉग या वेबसाइट पर SEO किया होगा |

इसलिए आज के बेहद खास पोस्ट के जरिये मैं आपको पूरी डिटेल में आसान तरीके से SEO क्या है ,क्यों जरुरी है और कैसे किया जाता है आदि सब कुछ बताने वाला हूँ |

आप चाहे beginner हो या फिर थोड़ा एक्सपीरियंस भी क्यों न हो ये पोस्ट आपके लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है क्योंकि आज आपको यहाँ पर SEO के बारे में पूरी जानकारी मिलेगी, तो चलिए शुरू करते हैं –

SEO क्या है – what is seo in hindi

SEO क्या है

SEO का फुल फॉर्म – Search Engine Optimization (सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन) है |

SEO (Search Engine Optimization) एक process है जिसके जरिये हम अपने ब्लॉग पोस्ट या वेब पेज को ऑप्टिमाइज़ करके सर्च इंजन (Google,Bing etc.) में फर्स्ट पेज में टॉप पर लाने की कोशिश करते हैं |

आइये SEO को विस्तार से समझते हैं – देखिये दोस्तों जैसे की मैंने आपको अभी ऊपर बताया की कोई भी वेबसाइट या ब्लॉग तभी सक्सेसफुल माना जाता है जब उस पर अच्छा -खासा ऐसा ट्रैफिक आता हो जो वैल्युएबल हो | मतलब की वेबसाइट या ब्लॉग के owner को उस ट्रैफिक (मतलब लोग ) से फायदा हो रहा हो |

और ब्लॉग पर ऐसा वैल्युएबल ट्रैफिक तभी आ सकता है जब आपके पोस्ट सर्च इंजन mainly गूगल जो की दुनिया में सबसे बड़ा सर्च इंजन है उसके फर्स्ट पेज के टॉप पर रैंक होता हो |

अब जरूर आप सोच रहे होंगे की गूगल में रैंक होना क्यों जरुरी है? वो इसलिए क्योंकि जैसे की आपको भी पता होगा की अगर आज हमे किसी चीज़ की जानकारी लेनी है या फिर हमारे पास कोई question है उसका जवाब हमे चाहिए तो हम सीधे गूगल पर सर्च करते हैं |

इसी तरीके से हर दिन लगभग करोड़ों से भी ज्यादा लोग गूगल पर कुछ-न-कुछ ढूंढ़ते हैं और लाजमी है की हर दिन उन करोड़ों में से हो सकता है हज़ारों लोग आपके ब्लॉग टॉपिक से भी रिलेटेड जानकारी ढूंढ़ते होंगे |

अब उन हज़ारों लोगो को वही जानकारी चाहिए जो आपने अपने पोस्ट में लिखी है | लेकिन वो लोग आपके पोस्ट तक तभी पहुंच पाएंगे जब आपका पोस्ट गूगल के फर्स्ट में टॉप के 1 से 10 तक के बीच में रैंक हो रहा हो | क्योंकि कोई भी आदमी गूगल के दूसरे पेज पर नहीं जाता है या फिर बहुत कम लोग जाते हैं |

अब सवाल ये है की आपका ब्लॉग पोस्ट गूगल के फर्स्ट पेज में रैंक कैसे होगा तो यही से SEO यानि सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन का प्रोसेस शुरू होता है |

दरसल दोस्तों SEO को समझने से पहले आपको गूगल के सर्च इंजन को समझना पड़ेगा की वो आखिर किसी भी ब्लॉग पोस्ट को अपने सर्च इंजन में कैसे रैंक करता है ? तो चलिए जानते हैं –

गूगल का सर्च इंजन कैसे काम करता है

दोस्तों गूगल जो की दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजन है उसने सभी वेबसाइट या ब्लॉग ओनर जो भी गूगल में अपना वेबसाइट या ब्लॉग सबमिट करना चाहते हैं उनके लिए एक प्लेटफार्म बनाया है गूगल वेब मास्टर या गूगल सर्च कंसोल

आप जब एक बार अपने ब्लॉग को गूगल सर्च कंसोल में सबमिट कर देते हो और गूगल उसे approve कर देता है |तो उसके बाद जो गूगल सर्च इंजन के bot (स्पाइडर) होते हैं वो तीन स्टेप्स में काम करते हैं –

crawling

सबसे पहला काम उन स्पाइडर का यही होता है की वो आपके ब्लॉग पर जाये और आपके कंटेंट को समझे की ये किस बारे में है और उसे अपने सर्वर में कलेक्ट करे |

indexing

आपके ब्लॉग के कंटेंट को क्रॉल करने के बाद वो स्पाइडर उन्हें गूगल के सर्च इंजन में indexing करना शुरू करते हैं | मतलब की गूगल का सर्च इंजन का पूरा कंटेंट जिस सर्वर में होता है वही वो स्पाइडर क्रम से वो आपके ब्लॉग के कंटेंट को भी डाल देते हैं |

Ranking

तीसरा और सबसे अहम काम गूगल के स्पाइडर करते हैं की अगर कोई यूजर गूगल के सर्च इंजन में आपके ब्लॉग पोस्ट के टॉपिक से रिलेटेड सवाल पूछता है तब अगर आपने अपने ब्लॉग में क्वालिटी-यूनिक कंटेंट लिखा होगा और साथ में कीवर्ड रिसर्च करके अच्छे से पोस्ट में इस्तेमाल किया होगा |

साथ ही पोस्ट पर अच्छे बैकलिंक बनाये होंगे | तो जरूर गूगल के स्पाइडर आपके ब्लॉग पोस्ट को अपने सर्च इंजन के सर्च रिजल्ट पेज (SERP) के फर्स्ट पेज में टॉप पर रैंक करेगा |

ये तो आपने समझा की गूगल का सर्च इंजन कैसे काम करता है ? गूगल ने करीब 200 फैक्टर बताएं है जिनको फॉलो करके आप उसके सर्च इंजन में टॉप रैंक हासिल कर सकते हो |

लेकिन ज्यादातर लोग उन सबको तो नहीं लेकिन उनमे से कुछ अहम फैक्टर को जरूर अच्छे से फॉलो करते हैं और अपने ब्लॉग पोस्ट को गूगल में टॉप पर रैंक करवाते हैं और इसी पुरे प्रोसेस को SEO (search engine optimization) कहा जाता है |

अब जरूर आपके मन में सवाल होगा की आखिर वो अहम फैक्टर कौनसे हैं? जिन्हे हम भी फॉलो करके अपने ब्लॉग पोस्ट को टॉप पर रैंक करवा सकते हैं उन्हें जानने के लिए आपको SEO के प्रकार को समझना होगा जिसके बारे हम आपको जरूर नीचे बताएंगे |

लेकिन उससे पहले आपको ये बताना बेहद जरुरी ही की SEO क्यों आपके ऑनलाइन journey में सफलता पाने के लिए बहुत जरुरी है ? तो चलिए जानते हैं –

SEO क्यों जरुरी है

अब मैं आपको कुछ पॉइंट्स के जरिये बताने वाला हूँ की आपके ऑनलाइन सफर में SEO (search engine optimization) का कितना महत्व है? तो चलिए जानते हैं –

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Visibility and Rankings

जब दोस्तों आप अपने पोस्ट को SEO करके गूगल सर्च इंजन में फर्स्ट पेज पर रैंक करा देते हो तो आपकी visibility बढ़ती है ज्यादा -से ज्यादा लोग आप तक पहुंच पाते हैं |

और सर्च इंजन रिजल्ट पेज (SERP) पर आप जितनी ऊपर रैंक करेंगे, आपको देखने और आपकी साइट पर क्लिक करने की संभावनाएं उतनी ही अधिक होंगी। और उससे आपका जो goal है उसको achieve करने में आपको काफी मदद मिलती है |

Web Traffic

दोस्तों आप ये मान लीजिये की जब तक आप अपने ब्लॉग पोस्ट का अच्छे से SEO नहीं करोगे तब तक ट्रैफिक बिलकुल भी नहीं आ पायेगा |

Authority

Authority के concept SEO में अपेक्षाकृत नई है, लेकिन सर्च इंजन में रैंकिंग के लिए यह काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह वेब users के लिए अधिक महत्वपूर्ण है। अनिवार्य रूप से, Authority का मतलब है कि आपकी वेबसाइट भरोसेमंद, उच्च गुणवत्ता, प्रासंगिक है और इसमें कुछ है।

आपकी साइट पर जितना अधिक authority होगा, आपकी रैंकिंग उतनी ही अधिक होगी और आपके ब्रांड पर भरोसा करने के लिए अधिक संभावनाएं होंगी।

Growth

अंत में, SEO का अंतिम कारण यह है कि यह आपके व्यवसाय के कई लक्ष्यों को प्राप्त करने में आपकी मदद कर सकता है।

SEO आपको अपने दर्शकों के साथ बेहतर संबंध बनाने में मदद कर सकता है, user experience में सुधार कर सकता है, आपका Authority बढ़ा सकता है, आपकी साइट पर अधिक लोगों को ला सकता है, आपको प्रतियोगिता में बढ़त दिला सकता है, और रूपांतरण बढ़ा सकता है, जिसका अर्थ है अधिक बिक्री, अधिक वफादार ग्राहक, और बहुत कुछ आपके व्यवसाय के लिए विकास।

दोस्तों मुझे पूरी उम्मीद है की ऊपर बताये गए सभी पॉइंट्स के जरिये आप अच्छे से समझ गए होंगे की अपने ब्लॉग को सफल बनाने के लिए SEO कितना ज्यादा जरुरी है |

और अब हम आपको SEO के प्रकार के बारे में बताएंगे ताकि आप अच्छे से समझ पाओगे की SEO को किया कैसे जाता है ?उसके अंदर कौन -कौन एलिमेंट्स होते हैं जो हमे अपने ब्लॉग पर लागू करने होते हैं | तो चलिए जानते हैं –

SEO के प्रकार

दोस्तों SEO या सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन mainly चार प्रकार के होते हैं –

On-page SEO

Technical SEO

Off-page SEO

Local SEO

On-page SEO

SEO का सबसे पहला प्रकार होता है On-page SEO जिसमे हम ब्लॉग पोस्ट और ब्लॉग के अंदर ही कुछ खास बदलाव करते हैं ताकि हमारा ब्लॉग पोस्ट सर्च इंजन में टॉप रैंकिंग हासिल कर पाये |

अब आप सोच रहे होंगे की On-page SEO के प्रोसेस में ब्लॉग पोस्ट के अंदर हमे ऐसे कौनसे बदलाव करने होते हैं की हमारा ब्लॉग पोस्ट गूगल में टॉप पर आ जाये |

On-page SEO का process

दोस्तों On-page SEO के प्रोसेस में बहुत सारी चीज़ें शामिल होती हैं | आइये जानते है –

1. आपका ब्लॉग Google search console और google analytics में सबमिट हो –दोस्तों सबसे पहले जब आप ब्लॉग का डिज़ाइन ही बनाना शुरू करते हो या फिर अपने ब्लॉग पर पोस्ट लिखना शुरू करते हो उसी समय आपको अपने ब्लॉग को Google search console और google analytics में सबमिट करना है |

Google search console में ब्लॉग को सबमिट करने के बाद आपका ब्लॉग गूगल के सर्च इंजन में visible होना शुरू हो जाता है |

क्योंकि सबमिशन के बाद गूगल के bot आपके ब्लॉग पर क्रॉलिंग स्टार्ट कर देते हैं | इसके अलावा आप Google search console में ये भी देख सकते हो की आपका कौनसा पोस्ट कहाँ पर अभी रैंक है और गूगल को आपके ब्लॉग पर क्रॉलिंग या इंडेक्सिंग में कोई issue तो नहीं आ रहा है |

google analytics पर ब्लॉग को सबमिट करने के बाद आप अपने ब्लॉग के परफॉरमेंस को ट्रैक कर सकते हो आखिर कितना ट्रैफिक आ रहा है? और कौन -कौन से प्लेटफार्म से आ रहा है और भी बहुत कुछ |

2. आपको Yoast SEO या Rank math में किसी एक प्लगइन को इनस्टॉल और एक्टिव करना है – आपको अपने ब्लॉग पर कुछ पोस्ट लिखने के साथ -साथ ही Yoast SEO या Rank math में से किसी भी एक प्लगइन इनस्टॉल करना है और उसे एक्टिव करना है|

ये दोनों बहुत पॉपुलर SEO प्लगइन है जो आपके on page SEO में बहुत मदद करती है | और हाँ इन प्लगइन को एक्टिव करने के बाद अच्छे सेटअप करना बिलकुल miss मत करना |

3. keyword Research – दोस्तों कीवर्ड रिसर्च on page SEO में सबसे अहम पार्ट है | सबसे पहले कीवर्ड को समझिये इसका मतलब है कुछ खास शब्द या sentence मतलब की जो हम आम लोग गूगल पर कुछ जानने के लिए जिन शब्दों का प्रयोग करते हैं जैसे की मुझे जानना है SEO के बारे में तो मैं गूगल सर्च बार में टाइप करूंगा SEO क्या है या फिर SEO क्या होता है |

अब यही शब्द किसी ब्लॉगर या SEO एक्सपर्ट के लिए कीवर्ड होते हैं क्योंकि लाजमी है की दुनिया भर में हज़ारों लोग होंगे जो same वर्ड या सेंटेंस लिखकर गूगल में SEO के बारे में सर्च करते होंगे |

अब अगर कोई ब्लॉगर इस कीवर्ड को टारगेट करके आर्टिकल लिखता है और उसका आर्टिकल गूगल में टॉप पर रैंक हुआ तो वो सभी लोग उस ब्लॉग पर आ सकते हैं |

तो कुल मिलाकर कीवर्ड रिसर्च SEO में सबसे अहम प्रोसेस है | कीवर्ड रिसर्च के लिए बहुत से फ्री और paid tool मौजूद भी हैं जैसे की SEMrush ,keyword everywhere ,ubersuggest आदि |

एक न्यू ब्लॉगर के लिए बहुत जरुरी है की वो ऐसे कीवर्ड को रिसर्च करे जिस पर बहुत ज्यादा आर्टिकल न लिखें हो भले ही उनके searches कम हो और वो कीवर्ड लम्बा हो मतलब की 3 से अधिक वर्ड से मिलकर बना हो | जैसे की – ब्लॉग्गिंग कैसे करें, ऐसे कीवर्ड को रिसर्च करें |

4. ब्लॉग पोस्ट को SEO friendly बनाये – दोस्तों कीवर्ड को रिसर्च करने के बाद on page SEO में जो अगला प्रोसेस है वो है की आप जो पोस्ट लिखने वाले हो उसे SEO के मुताबिक लिखें| जिसमे आपको आर्टिकल लिखते समय कुछ पॉइंट्स का ध्यान देना होता है | आइये जानते हैं –

SEO क्या है

ब्लॉग पोस्ट के Title ,URL और meta description में कीवर्ड का इस्तेमाल करें – देखिये दोस्तों आपने शायद नोटिस किया होगा की जब भी आप गूगल में कुछ query डालते हो और उसके बाद गूगल के सर्च रिजल्ट पेज (SERP) में जो answer आते हैं उनमे तीन चीज़ें show होती हैं- पोस्ट टाइटल,यूआरएल और एक छोटा डिस्क्रिप्शन जिसे टेक्निकली मेटा डिस्क्रिप्शन कहते हैं | जैसे की आप ऊपर इमेज में भी देख रहे होंगे |

इसका साफ मतलब है की गूगल जब आपके पोस्ट को क्रॉल करता है तो वो सबसे ज्यादा गौर इन तीन चीज़ों पर करता है इसलिए यहाँ पर आपको अपने main कीवर्ड का इस्तेमाल जरूर करना है |

पोस्ट में heading का इस्तेमाल करें और छोटे -छोटे para में पोस्ट को लिखें – दोस्तों अपने पोस्ट को Heading और subheading (H1,h2,h3…) में डिवाइड करके लिखें और साथ ही पोस्ट को छोटे -छोटे पैराग्राफ में लिखे ज्यादा से ज्यादा 2 या 3 लाइन का ही एक para हो |

इसके अलावा जो आपके पोस्ट का पहली heading हो मतलब की पोस्ट टाइटल के बाद वाली Heading में कोशिश करें की वहां पर भी आप अपने main कीवर्ड का इस्तेमाल करे | साथ ही आप अपने पोस्ट के first और लास्ट para में भी हो सके तो main keyword का इस्तेमाल करें |

Internal और Outbound Linking करें – दोस्तों ब्लॉग पोस्ट को SEO friendly बनाने में सबसे अहम ध्यान आपको रखना है की आपको अपने ब्लॉग में बाकि रिलेटेड पोस्ट का लिंक भी अपने current ब्लॉग पोस्ट में देना है |

इसके अलावा एक लिंक आपको अपने ब्लॉग पर outside का भी देना है जैसे की किसी और ब्लॉग के पोस्ट का लिंक या यूट्यूब वीडियो का लिंक आदि |

Image के alt टैग में कीवर्ड का इस्तेमाल करें – गूगल में आपने देखा होगा की इमेज का भी सेक्शन होता है | अगर आप अपने ब्लॉग पोस्ट में जो इमेज प्रयोग करते हो उस इमेज को पहले तो compress करके यूज़ करें और दूसरा उसका जो alt tag होता है वहां पर main कीवर्ड का प्रयोग करें | ताकि गूगल image सेक्शन में भी आपके ब्लॉग image रैंक हो जाये |

ब्लॉग पोस्ट में क्वालिटी कंटेंट लिखें और उसे user friendly बनाये – दोस्तों गूगल में रैंकिंग का सबसे अहम चीज़ है की आपका पोस्ट ऐसा हो जो टॉपिक के सारे पॉइंट को बताता हो जो एक यूजर को जानना है इसके लिए आपको पहले यूजर के intent को समझना होगा | मतलब की आपको समझना होगा की आखिर यूजर जानना क्या चाहता है |

उसके बाद उसी सवाल का जवाब आपको डिटेल में अपने पोस्ट में देना है इसी को क्वालिटी कंटेंट कहते हैं | इसके अलावा पोस्ट को इतना आसान तरीके से लिखें की कोई भी समझ पाये |

दोस्तों यही वो सब तरीके हैं जो on page SEO के प्रोसेस में आते हैं | आइये अब SEO के अगले प्रकार को जानें –

Technical SEO

जैसे की नाम से ही बहुत क्लियर हो रहा है की इसमें हम ब्लॉग के टेक्निकल भाग को ऑप्टिमाइज़ करते हैं जिसमे बहुत चीज़ें आती है जैसे की –

Blog का डिज़ाइन बेहतरीन हो – सबसे पहले Technical SEO में यही आता है की आपका ब्लॉग का डिज़ाइन और स्ट्रक्चर काफी अच्छा हो और क्लियर हो |

मतलब की आपने logo ,navigation bar ,side bar और footer को अच्छे से create किया हो सभी जरुरी पेज (about ,contact ,privacy policy आदि ) आपने बनाये हो |

आपके जो केटेगरी हो वो आपके niche के रिलेटेड आपने बनाये हो और ब्लॉग पर बहुत clearly आपने mention किये हो | कुल मिलाकर आपका ब्लॉग का डिज़ाइन या स्ट्रक्चर ऐसा हो जिसे समझने में किसी भी यूजर को कोई प्रॉब्लम न हो |

आपका ब्लॉग responsive हो – सबसे अहम बात की आपका ब्लॉग सभी डिवाइस (लैपटॉप,मोबाइल और टेबलेट) में अच्छे से ओपन हो पाए और यूजर कंटेंट को अच्छे से read कर पाये |

आपके ब्लॉग की loading स्पीड अच्छी हो – बहुत जरुरी है की आपका ब्लॉग को लोड होने में ज्यादा समय न लगें मतलब की आपके ब्लॉग की लोडिंग स्पीड फ़ास्ट हो | जिसके लिए पहले तो आप सभी इमेज को कंप्रेस करके प्रयोग करें और कई cache प्लगइन आते हैं उनमे से किसी एक प्लगइन को इनस्टॉल करके आप सेटअप कर सकते हो उससे आपका ब्लॉग लोडिंग स्पीड फ़ास्ट होती है |

Off-page SEO

दोस्तों जितना अहम on page SEO होता है जिसके बारे में आपने ऊपर जाना उतना ही अहम Off-page SEO भी होता है | जो SEO का तीसरा सबसे अहम प्रकार है |

Off-page SEO का मतलब होता है की आपको अपने ब्लॉग को आउटसाइड से प्रमोट करना होता है ताकि आपके ब्लॉग पर ट्रैफिक भी आये और गूगल में आपके ब्लॉग की ऑथिरोटी भी बढ़ जाये जिससे आपकी रैंकिंग इम्प्रूव होती है |

Off-page SEO में भी कुछ पॉइंट्स या प्रोसेस होते हैं जो आपको करने होते हैं जैसे की –

सोशल मीडिया में ब्लॉग को प्रमोट करें – आप सभी जानते ही हैं की आजकल सोशल मीडिया प्लेटफार्म (facebook,instagram,twitter अदि ) को लोग कितना पसंद करते हैं और रोज उसका इस्तेमाल करते हैं |

इसलिए आपके लिए बहुत बढ़िया मौका है की आप भी इन्ही सभी सोशल मीडिया पर अपने ब्लॉग के रिलेटेड page ,ग्रुप बनाये और अपने कंटेंट को प्रमोट करें ताकि वहां से आपके ब्लॉग पर ट्रैफिक आये साथ ही गूगल भी उन पोस्ट या ब्लॉग को higher-ranking देता है जिनकी सोशल मीडिया में काफी followers होते हैं और उनके कंटेंट को वहां पर लाइक किया जाता है |

बैकलिंक बनाये – दोस्तों Off-page SEO का सबसे अहम भाग यही होता है की आप अपने ब्लॉग पोस्ट या ब्लॉग के लिए बैकलिंक बनाये |

अब बैकलिंक क्या होता है ? जब आपके ब्लॉग के पोस्ट का यूआरएल किसी और रिलेटेड ब्लॉग के ब्लॉग पोस्ट में add होता है उसे बैकलिंक कहते हैं |

और इसकी जरुरत इसलिए होती हैं क्योंकि गूगल मानता है की अगर इतने ब्लॉग किसी और ब्लॉग के ब्लॉग पोस्ट को प्रमोट कर रहे हैं तो जरूर ये पोस्ट यूजर के लिए फायदेमंद होगा और गूगल उस पोस्ट को higher रैंकिंग देता है | साथ ही बैकलिंक बनाने से आपके ब्लॉग की authority गूगल पर बढ़ती है |

लेकिन बैकलिंक भी दो टाइप के होते हैं – Do-follow और no-follow मतलब की अगर कोई ब्लॉग या form का owner अपनी मर्जी से आपके ब्लॉग पोस्ट का लिंक अपने ब्लॉग से दे रहा है तो इसे Do-follow कहते हैं |

और दूसरा ऐसा लिंक जो ब्लॉग या फॉर्म के ओनर ने approve तो नहीं किया लेकिन आपने खुद से generate कर लिया है उसे no-follow होता है |

गूगल वैसे तो do-follow बैकलिंक को देखकर ही आपको higher ranking देता है लेकिन इसका ये मतलब नहीं की आपको no-follow बैकलिंक नहीं बनाने हैं | आपको जहाँ 80% बैकलिंक do-follow तो 20% बैकलिंक no-follow भी बनाने हैं |

लेकिन आपको इस बात का पूरा ध्यान रखना है की आपको ऐसी जगह से बैकलिंक नहीं बनाने हैं जिससे आपके ब्लॉग का spam score बढ़ जाये | जैसे की आपको ध्यान रखना है की – अपने ब्लॉग के टॉपिक से अलग किसी और ब्लॉग जिसका टॉपिक अलग हो वहां से बैकलिंक न बनाये और पोर्न साइट्स और ऐसी गलत forum से बैकलिंक न बनाये |

अब बात आती है बैकलिंक बनाये कैसे जाये ? आइये जानते हैं –

1) Guest Post – सबसे पहला तरीका है की आप उन ब्लॉग को ढूंढे जो आपके टॉपिक से रिलेटेड हैं और उन ब्लॉग की Da ,pa ज्यादा हो | और फिर उन्हें आप mail करें की आप उनके लिए एक पोस्ट लिखना चाहते हैं जिसके बदले आपको उनसे अपने ब्लॉग पोस्ट के लिए do-follow बैकलिंक चाहिए |

एक बार जब वो आपके mail का reply कर दें और allow करें की आप उनके लिए पोस्ट लिख सकते हो तब आप उनके लिए पोस्ट लिखें और बैकलिंक लें | guest पोस्ट लिखने से आपको do-follow बैकलिंक भी मिलता है और ब्लॉग पर ट्रैफिक भी आता है |

2) Forums submission – दूसरा बढ़िया तरीका है की आप अपने ब्लॉग से रिलेटेड forums ढूंढे जैसे कई question -answer फोरम होते हैं जैसे की – Quora ,yahoo answer आदि | आप उन पर रजिस्टर करके रेगुलर question का answer करें और साथ ही में ब्लॉग पोस्ट को भी वहां पर आप प्रोमोट कर सकते हो |

3) Infographic Submission – आजकल ऐसे भी कंटेंट होता है जो किसी डिज़ाइन के फॉर्मेट में होता है जिसे usually इन्फोग्राफिक (Infographic) कहते हैं आप अपने पोस्ट टॉपिक से रिलेटेड इन्फोग्राफिक बनाकर उसे किसी इन्फोग्राफिक साइट्स पर सबमिट कर सकते हो और साथ ही वहां पर अपने ब्लॉग पोस्ट का यूआरएल भी दे सकते हो और बैकलिंक ले सकते हो |

तो दोस्तों SEO का ये पूरा process था | इतनी सारी चीज़ें SEO के अंदर आपको करनी होती हैं तब जाकर आप गूगल में higher ranking हासिल कर सकते हो और आपके ब्लॉग पर ट्रैफिक आता है |

अब इस पोस्ट के अंतिम भाग में हम आपको एक खास चीज़ बताने जा रहे हैं अक्सर मैंने SEO को लेकर एक confusion जो लोगो को होती है उसके बारे में सुना है की उन्हें SEO और SEM में अंतर अच्छे से पता नहीं होता तो चलिए हम आपको इन दोनों के बीच के अंतर को बताते हैं –

SEO और SEM में अंतर

SEO क्या है

मैं आपको सीधे बताता हूँ जैसे की SEO (search engine optimization) के बारे में हमने बताया की ये एक प्रोसेस है जिसके जरिये हम अपने ब्लॉग पोस्ट को गूगल के सर्च इंजन में higher रैंकिंग दिलाते हैं ताकि हमे आर्गेनिक ट्रैफिक मिल पाये | जो बिलकुल फ्री में होता है |

वही SEM (search engine Marketing) जिसे हम PPC भी कहते हैं इसमें हमे गूगल को पैसे देने पड़ते हैं ताकि हम उसके एक प्लेटफार्म Google Ads के जरिये ऑनलाइन Ad create कर पाएं और उसे गूगल के सर्च इंजन में चला सके|

आपने कई बार गूगल के SERP में ऐसे भी रिजल्ट देखे होंगे जिसके यूआरएल के आगे बॉक्स में AD लिखा होता है | वही paid Ad होते हैं |

SEO के process में higher रैंकिंग पाने में समय लगता है क्योंकि काफी प्रोसेस होते हैं | लेकिन SEM में अगर बजट अच्छा हो तो आपका ad गूगल में quickly show होता है और आपको रिजल्ट मिलता है |

ये वीडियो हमने Hindi Me Jankari यूट्यूब चैनल से लिया है

निष्कर्ष

आखिर में यही बताना चाहूंगा की आप ऑनलाइन चाहे कोई भी बिज़नेस शुरू करें (ब्लॉग्गिंग,ऑनलाइन e-commerce आदि ) , या अपने किसी भी तरीके के बिज़नेस को आप ऑनलाइन प्रमोट करना चाहते हो और यदि चाहे आप अपना करियर डिजिटल मार्केटिंग में बनाना चाहते हो तो आपके लिए SEO के बारे में जानना और उसे सीखना बहुत जरुरी हो जाता है |

और आज के दौर में जब सब कुछ ऑनलाइन हो चूका है और हर किसी के लिए डिजिटल मार्केटिंग के बारे में जानना बहुत ज्यादा जरुरी हो जाता है अगर वो किसी भी तरीके के बिज़नेस प्रमोशन के बारे में सोचता है |

दोस्तों मुझे पूरी उम्मीद है की हमारे इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आपको अच्छे से जानकारी हो गयी होगी की SEO क्या है ,क्यों जरुरी है और कैसे किया जाता है |

दोस्तों अगर आपको हमारा ये पोस्ट useful लगा हो तो प्लीज सोशल मीडिया पर शेयर भी करें और साथ ही हमे भी हमारे सोशल मीडिया पेज पर फॉलो करें और हमारे email newsletter को भी सब्सक्राइब करें ताकि ऐसी ही बढ़िया जानकारी आपको हमारे द्वारा मिलती रहे |

Deepak Bhandari

मेरा नाम दीपक भण्डारी है और मैं उत्तराखंड का रहने वाला हूँ और मुझे इंटरनेट से जुडी चीज़ों खासकर ब्लॉग्गिंग और डिजिटल मार्केटिंग के बारे में जानना और उसके बारे में लिखना बहुत पसंद है | मैं अपने इस ब्लॉग के जरिये सभी को आज के दौर की सबसे बड़ी डिजिटल क्रांति से जोड़ने का प्रयास करता रहूंगा |

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Harjinder sandhu

Good information about seo
Thanks Sir

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