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पत्रकारिता क्या है? पत्रकारिता के प्रकार और स्वतंत्र पत्रकार कैसे बने पूरी जानकारी

जब कभी भी आप एनडीटीवी, आजतक जैसे बड़े-बड़े न्यूज़ चैनल देखते हैं तो वहां पर आप एक ऐसे व्यक्ति को देखते हैं जो आपको समाचार बताता है उस व्यक्ति को पत्रकार कहते हैं तथा इस काम को पत्रकारिता कहते हैं।

अगर आप नहीं जानते कि पत्रकारिता क्या है और पत्रकारिता का क्या अर्थ है तो इस आर्टिकल को शुरू से अंत तक विस्तार पूर्वक पढ़ें यहां पर हमने आपको पत्रकारिता से संबंधित सभी जानकारी प्रदान की है।

इस शानदार आर्टिकल में आज आप पत्रकारिता का अर्थ क्या होता है, पत्रकारिता का स्वरूप, पत्रकारिता के प्रकार, पत्रकारिता की आवश्यकता, और एक अच्छा पत्रकार बनने के लिए आपके अंदर कौन-कौन सी काबिलियत होनी चाहिए जैसी बातों के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान की है जानने के लिए आर्टिकल के साथ अंत तक बने रहें।

Table of Contents

पत्रकारिता क्या है (What Is Journalism In Hindi)

पत्रकारिता समाचारों को इकट्ठा करके, आकलन करके, बनाने के बाद प्रस्तुत करने की एक गतिविधि है आज के जमाने में प्रत्येक इंसान की लाइफ बहुत व्यस्त है इस व्यस्त लाइफ में भी व्यक्ति अपने आसपास की हर गतिविधि पर नजर रखना चाहता है।

इंसान की इस इच्छा को पत्रकारिता के द्वारा पूरा किया जाता है पत्रकारिता एक ऐसा सशक्त माध्यम है, जो दैनिक घटनाओं, प्रसंगो और विविधताओं से परिचित कराने में पूर्ण रूप से सक्षम होती है।

पत्रकारिता एक ऐसा माध्यम है जिसकी मदद से हम घर बैठे या किसी अन्य स्थान पर होते हुए भी पूरी दुनिया से जुड़ जाते हैं पत्रकारिता अत्यंत महत्वपूर्ण है इसलिए इसकी स्वरूप, अर्थ आदि के बारे में जानना आवश्यक है।

भारतीय पत्रकारिता के जनक कौन है

भारतीय पत्रकारिता के संस्थापक या पिता राजा राममोहन राय को माना जाता है राजा राममोहन राय जी का जन्म 22 मई 1772 ईस्वी को पश्चिम बंगाल के एक साधारण धार्मिक ब्राह्मण परिवार में हुआ था।

राजा राममोहन राय जी की प्रारंभिक शिक्षा बांग्ला भाषा में हुई इनके पिताजी फारसी भाषा के एक अच्छे विद्वान थे इन्होंने अपने पिताजी से फारसी और अन्य स्रोतों से अरबी तथा अंग्रेजी भाषा का ज्ञान प्राप्त किया।

हिंदी पत्रकारिता दिवस कब मनाया जाता है?

हिंदी के लिए पत्रकारिता दिवस 30 मई को मनाया जाता है पंडित जुगल किशोर शुक्ला जी ने 30 मई वर्ष 1826 में भारत के पहले हिंदी समाचार पत्र उदंत मार्तंड का प्रकाशन और संपादन किया था।

उदंत मार्तंड कोलकाता में एक साप्ताहिक समाचार पत्र के रूप में प्रकाशित हुआ था उस समय सभी समाचार पत्र अंग्रेजी, फारसी और बांग्ला भाषा में प्रकाशित होते थे उदंत मार्तंड हिंदी का पहला समाचार पत्र था।

पत्रकारिता का अर्थ (Meaning Of Journalism)

पत्रकारिता एक अंग्रेजी शब्द जनरलिज्म (Journalism) का हिंदी रूपांतरण है जिस का हिंदी में मतलब होता है दैनिक या फिर रोजनामा साधारण शब्दों में बताएं तो पत्रकारिता का हिंदी में मतलब होता है दैनिक जीवन में होने वाली घटनाएं।

पत्रकारिता का अर्थ समाचार पत्र, मैगजीन, टीवी चैनल आदि के द्वारा दिखाई जाने वाली दैनिक जीवन की घटनाओं से समझा जा सकता है वर्तमान समय में पत्रकारिता के बहुत सारे माध्यम हो गए हैं जिनमें सोशल मीडिया भी शामिल है।

पत्रकार का मतलब होता है समाचार पत्र का संपादक या लेखक इसी प्रकार पत्रकारिता का मतलब निकलता है समाचार इकट्ठा करना और उनका आकलन करने की कला।

पत्रकारिता की परिभाषा (Definition Of Journalism)

पत्रकारिता को अलग-अलग विद्वानों ने अपने अनुसार परिभाषित किया है इसके बारे में हमें नीचे बताया है

न्यू वेबस्टर डिक्शनरी के अनुसार प्रकाशन, संपादन, लेखन और प्रसारण युक्त समाचार के माध्यम से व्यापार करना ही पत्रकारिता कहलाता है।

बिलीवर श्रम के अनुसार जनसंचार का माध्यम से दुनिया का नक्शा बदला जा सकता है।

सीजी मूलर के अनुसार सम्यक ज्ञान का व्यवसाय ही पत्रकारिता है।

हिंदी शब्द सागर के अनुसार पत्रकार का काम या व्यवसाय पत्रकारिता कहलाता है।

डॉक्टर अर्जुन के अनुसार ज्ञान और विचारों को समीक्षा की टिप्पणियों के साथ शब्द, ध्वनि और चित्रों के द्वारा जनसाधारण तक पहुंचाना ही पत्रकारिता माना जाता है।

डॉक्टर बद्रीनाथ के अनुसार पत्र-पत्रिकाओं तथा मैगजीन के लिए समाचार इकट्ठे करने, संपादित करने और प्रकाशित करने का काम ही पत्रकारिता है।

डॉ शंकर दयाल के अनुसार पत्रकारिता जनता की सेवा करने का माध्यम है पत्रकारों को केवल घटनाओं को पेश ही नहीं करना चाहिए बल्कि जनता के सामने उनका विश्लेषण भी करना चाहिए।

इंद्र विद्यापति के अनुसार पत्रकारिता एक ऐसा पांचवा वेद है जिसके द्वारा हम ज्ञान विज्ञान संबंधी बातों को जानकर अपने बंद मस्तिष्क को खोलते हैं।

पत्रकारिता के प्रकार (Types Of Journalism)

वर्तमान समय में पत्रकारिता केवल समाचार पत्रों तक ही सीमित नहीं रह गई है यह अब आधुनिक संसाधनों के साथ-साथ सोशल मीडिया तक भी पहुंच चुकी है देश की विभिन्न समस्याएं, रोजगार, प्रगति विकास योजनाएं आदि सभी पत्रकारिता पर ही निर्भर करती है इसलिए पत्रकारिता के अब बहुत सारे प्रकार प्रचलित हैं।

1. खोजी पत्रकारिता

इस प्रकार की पत्रकारिता में तथ्यों, घटनाओं को जांच पड़ताल के द्वारा पेश किया जाता है। इस प्रकार की पत्रकारिता से घटना की सटीक जानकारी निकाली जा सकती है हालांकि यह पत्रकारिता राष्ट्रीय सामाजिक विज्ञान को प्रभावित करती है।

खोजी पत्रकारिता का प्रयोग सरकार की योजनाओं के आकलन, दूरदर्शन और आकाशवाणी के कार्यक्रमों और विभिन्न प्रकार की सर्वेक्षणों की सटीक जानकारी के लिए किया जाता है।

2. इलेक्ट्रॉनिक पत्रकारिता

इलेक्ट्रॉनिक पत्रकारिता के अंतर्गत किसी भी घटना अपराध या गतिविधि को चित्रों के माध्यम से दिखाया जाता है इस प्रकार की पत्रकारिता में पत्रकार को चौकस निगाहों के साथ कुशल बुद्धि कौशल की आवश्यकता होती है।

किसी भी घटना या गतिविधि के दृश्य को पकड़ना और उन्हें लोगों के सामने सही स्वरूप में प्रस्तुत करना इलेक्ट्रॉनिक पत्रकारिता के द्वारा ही संभव हो पाता है।

3. ग्रामीण पत्रकारिता

यह पत्रकारिता विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्र के जीवन यापन पर प्रकाश डालती है इस पत्रकारिता में जन कल्याण, कृषि की उन्नत गतिविधियां, ग्रामीण विकास, नई योजनाओं की जानकारी, और ग्रामीण क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना जैसी चीजें शामिल होती हैं।

क्योंकि भारत की 70% आबादी गांव में निवास करती है और शहर के जीवन यापन के लिए सभी जरूरी चीजें गांव से ही जाती हैं तो ग्रामीण पत्रकारिता की आवश्यकता बहुत हो जाती है यह पत्रकारिता शहरी जीवन और ग्रामीण जीवन के बीच एक पुल का कार्य करती है।

4. बाल पत्रकारिता

किसी भी देश का विकास और भविष्य वहां पर बच्चों के विकास पर निर्भर करता है जिस देश के बच्चे कितने ज्यादा सशक्त होंगे वह देश उतना ही अधिक प्रभावशाली होगा इसी को ध्यान में रखते हुए बाल पत्रकारिता का निर्माण किया गया।

बाल पत्रकारिता के अंतर्गत बच्चों से संबंधित विभिन्न गतिविधियों जैसे अशिक्षा, कुपोषण, बाल श्रम, धूम्रपान, अनैतिक व्यवहार और दुराचार जैसी समस्याओं पर नजर रखी जाती है।

इसके साथ-साथ यह पत्रकारिता बच्चों के उन पहलुओं पर भी नजर डालती है जिससे उनकी जिज्ञासा की भावना विकसित हो सके और बच्चे अंधविश्वास जैसे रास्ते से बाहर निकल कर ज्ञान के उजाले में आ सकें।

5. विज्ञान पत्रकारिता

आप तो जानते ही हैं कि आज का युग विज्ञान का युग माना जाता है विज्ञान से संबंधित विभिन्न प्रकार की देश विदेशी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विज्ञान पत्रकारिता का निर्माण किया गया है।

इस प्रकार की पत्रकारिता में आप विज्ञान से संबंधित विभिन्न प्रकार की खबरें जैसे नए नए शोध, औषधियां उपग्रह, स्पेस सेंटर आदि से परिचित होते रहते हैं।

6. आर्थिक पत्रकारिता

पैसा लगभग हर इंसान की जरूरत होती है और पैसा कमाने के लिए लोग अलग-अलग तरीके भी अपनाते है आर्थिक पत्रकारिता का उद्देश्य शेयर बाजार, मंडी बाजार, सट्टा बाजार, महंगाई, अर्थव्यवस्था से संबंधित जानकारियों को सामान्य लोगों तक पहुंचाना होता है।

आर्थिक पत्रकारिता की मदद से ही लोग जान पाते हैं कि महंगाई की दर क्या चल रही है, बैंक की दर क्या चल रही है शेयर बाजार तथा मंडी बाजार इस समय किस स्थिति में है आदि।

7. फिल्मी पत्रकारिता

भारत में नई नई फिल्म बनी रहती है और प्रत्येक महीने कोई ना कोई सी फिल्म रिलीज होती रहती है फिल्म तथा फिल्मी सितारों के बारे में जो न्यूज़ हमें मिलती है वह फिल्मी पत्रकारिता के अंतर्गत आती है।

फिल्मी पत्रकारिता के द्वारा ही आप जानते हैं कि किस फिल्म स्टार की फिल्म किस महीने में रिलीज हो रही है किस फिल्म ने कितने रुपए कमाए हैं आदि।

8. शैक्षिक पत्रकारिता

शिक्षा प्रत्येक इंसान की सबसे महत्वपूर्ण जरूरत है शिक्षा के बिना मनुष्य बिल्कुल पशु के समान है शिक्षा का क्षेत्र बहुत बड़ा है इसी को ध्यान में रखते हुए परीक्षा परिणाम, सिलेबस, पाठ्यक्रम, पैटर्न आदि के बारे में जो जानकारी हमें प्राप्त होती है वह शैक्षिक पत्रकारिता के द्वारा होती है।

शैक्षिक पत्रकारिता के अंतर्गत विद्यार्थियों की समस्याएं, शिक्षकों की समस्याएं, नए विश्वविद्यालय और कॉलेजों की स्थापना और शैक्षिक पत्रकारिता जैसी खबरें पढ़ते हैं।

9. खेल पत्रकारिता

खेल अच्छे स्वास्थ्य में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं भारत सरकार के द्वारा भी खेल के क्षेत्र में बहुत उत्कृष्ट प्रयास किए जा रहे हैं जैसे खेलो इंडिया विंटर, गेम्स खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स आदि।

कबड्डी से लेकर क्रिकेट तक और Volleyball से लेकर फुटबॉल तक आपको खेल के बारे में जो खबर प्राप्त होती है उसे खेल पत्रकारिता के अंतर्गत रखा जाता है।

खेल पत्रकारिता के द्वारा ही आप विभिन्न खिलाड़ियों के बारे में विभिन्न खेलों के बारे में और देश विदेश के बीच हो रही विभिन्न श्रंखलाओ(Series) के बारे में जानकारी प्राप्त कर पाते हैं।

10. साहित्यिक और सांस्कृतिक पत्रकारिता

जब साहित्यिक और सांस्कृतिक रचनाओं के बारे में विचार किया जाता है तब साहित्यिक और सांस्कृतिक पत्रकारिता का महत्व बढ़ जाता है इस प्रकार की पत्रकारिता के माध्यम से आप संस्कृत साहित्य, पुस्तक समीक्षा, साहित्य सृजन, साहित्यिक संगोष्ठी, कवि सम्मेलन, नृत्य समारोह और मुशायरा के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं।

पत्रकारिता के मूल्य

पत्रकारिता को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में जाना जाता है लोकतंत्र में इतना महत्वपूर्ण स्थान पत्रकारिता ने स्वयं ही प्राप्त नहीं किया है बल्कि लोगों ने इसे सामाजिक मूल्यों के प्रति उत्तरदायित्व को देखते हुए दिया है।

लोकतंत्र तभी मजबूत होता है जब पत्रकारिता सामाजिक मूल्यों के प्रति अपने कर्तव्य का सही तरीके से पालन करें पत्रकारिता का उद्देश्य होना चाहिए कि वह प्रशासन और समाज के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करें।

समय के साथ साथ पत्रकारिता का मूल्य लगातार बदल रहा है स्वतंत्रता के समय पत्रकारिता का लक्ष्य केवल स्वतंत्रता प्राप्ति था उस समय पत्रकारिता ने स्वतंत्रता के लिए चले आंदोलनों में मुख्य भूमिका निभाई थी।

वहीं अगर आज के समय पर नजर डालें तो पत्रकारिता ने पूरे देश को एकता के सूत्र में बांधने के साथ सामाजिक स्वाधीनता प्राप्त करने का लक्ष्य रखा है आज के जमाने में इंटरनेट और सूचना अधिकार ने पत्रकारिता को एक अलग आयाम दिया है।

पत्रकारिता पहले के मुकाबले अब ज्यादा मजबूत स्वतंत्र और प्रभावशाली हो गई है हालांकि कभी-कभी इस पत्रकारिता का दुरुपयोग भी देखने को मिलता है।

पत्रकारिता का स्वरूप

हिंदी पत्रकारिता की शुरुआत सामाजिक कल्याण राष्ट्रीय और समाज सुधार के उद्देश्य को पूरा करने के लिए की गई है इस पत्रकारिता में संपादक और प्रकाशक व्यक्तिगत लाभ तथा हानि पर ध्यान ना देते हुए स्वार्थ और आत्मकेंद्रन के बजाय राष्ट्रीय और सामाजिक दायित्व की पूर्ति के उद्देश्य को पूरा करते हैं।

पत्रकारिता को मुख्य रूप से तीन प्रकार के उद्देश्य पूरे करने के लिए बनाया गया है

  • सूचना
  • शिक्षा
  • मनोरंजन

एक पत्रकार के लिए नियमित रूप से लगातार पत्रकारिता करना एक चुनौती रहती है उसे नियमित रूप से देश और समाज पर निगाह बनाए रखनी पड़ती है एक पत्रकार को स्वस्थ मुद्दों के लिए जूझना पड़ता है।

अगर पत्रकारिता के स्वरूप पर नजर डालें तो निम्न प्रकार की चीजें सामने आती हैं

  • रोजाना घटित होने वाली घटनाओं का सटीक प्रकाशन।
  • सामाचार पत्र(News Paper) व पाठक(Reader) के विचारों(Thoughts) के आदान-प्रदान का सफल माध्यम।
  • समाचारों, चित्र, स्तंभों, तथा आलेखों के माध्यम से सही सोच वाले जनमत का निर्माण करना।
  • स्वस्थ और सुलझी हुई सामग्री वाला मनोरंजन।
  • शैक्षिक, सांस्कृतिक, आर्थिक और सामाजिक विकास की राह दिखाना।
  • आपसी भाईचारे को बढ़ावा देना मनुष्य के बीच विश्वास पैदा करना और जनसंचार करना।
  • राष्ट्रीय की अखंडता, एकता और प्रभुसत्ता के लिए सामाजिक सोच का निर्माण करना।
  • सामाजिक बुराई जैसे अशिक्षा, छुआछूत, बाल श्रम, अनैतिक कार्य, गरीबी आदि के विरोध में सामूहिक प्रयास करना।

पत्रकारिता के सिद्धांत

एक अच्छी पत्रकारिता के लिए कुछ सिद्धांत होते हैं जो नीचे बताए गए हैं

1. सच्चाई और सटीकता

पत्रकार किसी भी घटना की हमेशा सही होने की गारंटी नहीं ले सकते लेकिन पत्रकारिता का उद्देश्य तत्वों के आधार पर उन्हें सही साबित करना होना चाहिए पत्रकार को चाहिए कि वह हमेशा किसी घटना या गतिविधि को सच्चाई और सटीकता की कसौटी पर कस कर अपने पाठकों और दर्शकों के सामने पेश करें।

2. स्वतंत्रता

एक पत्रकारिता को स्वतंत्र रहना चाहिए और एक पत्रकार को बिल्कुल स्वतंत्र रहकर खबर अच्छा अपनी चाहिए चाहे किसी के बारे में भी न्यूज़ हो उसे बिना किसी डर के दर्शकों के सामने पेश करना चाहिए।

राजनीतिक, सांस्कृतिक, कारपोरेट या व्यवसायिक हितों पर ध्यान न देते हुए अनौपचारिक तथा औपचारिक रूप से कार्य नहीं करना चाहिए।

3. इंसानियत

एक पत्रकार को इस बात का विशेष रूप से ख्याल रखना चाहिए कि वह कभी भी कोई ऐसी न्यूज़ ना चाहते जिससे किसी की भावना या मानवता को ठेस पहुंचे।

पत्रकार जब किसी भी घटना या गतिविधि को लिखें तो उसे चाहिए कि वह मानवता का विशेष रूप से ध्यान रखें।

4. जवाबदेही

अगर एक पत्रकार से कोई खबर छापने में गलती होती है तो इस चीज की जिम्मेदारी सिर्फ पत्रकार को ही लेनी चाहिए एक पत्रकार को चाहिए वह अपनी गलतियों के प्रति जवाबदेह हो।

5. स्रोत

घटनाओं या फिर गतिविधियों की सही जानकारी के लिए एक पत्रकार के पास अपना खुद का स्रोत होना चाहिए बिना स्रोत के पत्रकार को किसी भी घटना के बारे में पता नहीं चल पाता है।

6. निष्पक्षता

कोई भी पत्रकार जब किसी घटना को लिखें या फिर उसे अपने दर्शकों के सामने पेश करें तो उसे बिल्कुल निष्पक्ष भाव रखना चाहिए।

पत्रकारिता की जिम्मेदारी

पत्रकारिता के दायित्व तथा जिम्मेदारी नीचे दिए गए बिंदुओं के अनुसार होनी चाहिए

  • सामाजिक जनसाधारण को आजादी देना।
  • समाज को उचित तथा सही दिशा में दिशा निर्देश देना।
  • जनसाधारण को मनोरंजन के स्वस्थ और अच्छे सामग्री उपलब्ध कराना।
  • सामाजिक कुरीतियों जैसे बाल विवाह, बाल श्रम, नशा, अपहरण, दुराचार जैसे कामों को मिटाने के लिए प्रभावी रूप से कार्य करना।
  • धार्मिक और सांस्कृतिक पक्षों का निष्पक्ष होकर व्याख्यान करना।
  • जनसाधारण को उनकी ही भाषा में उनके अधिकारों को समझाना।
  • कृषि जगत की उपलब्धियों को सामान्य लोगों और देश के सामने प्रस्तुत करना।
  • उद्योग जगत की उपलब्धियों को युवा वर्ग तक पहुंचाना।
  • सरकार के द्वारा जारी की गई नीतियों को सही तरीके से विश्लेषण करके बताना।
  • महिला जगत, बाल जगत, खेल जगत और सांस्कृतिक जगत के विभिन्न कार्यक्रमों का प्रचार करना।
  • स्वास्थ्य और परिवार कल्याण के लिए जनसाधारण को प्रेरित करना।
  • शिक्षा के महत्व को बताना और उसके लिए प्रेरित करना।
  • वसुदेव कुटुंबकम की भावना प्रेरित करना।

पत्रकारिता का उद्देश्य

पत्रकारिता का उद्देश्य होता है कि वह बाहर की दुनिया की बदलती हुई घटनाओं, मुद्दों, गतिविधियों से जनसाधारण को परिचित कराएं यह मनोरंजन साधारण समाचार या किसी अन्य तरीके से भी हो सकता है।

पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य सूचना को मजबूत बनाने के लिए एक उपयोगिता के क्षेत्र में है इस प्रकार पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को उनके जीवन समुदाय, समाजों और उनके सरकारों के बारे में सर्वोत्तम संभव निर्णय लेने में होना चाहिए।

अगर पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य केवल समाचार सुनना और सुनाना ही है तो यह अधूरा उद्देश्य है पत्रकारिता को चाहिए कि वह समाज को अच्छी तरह से सूचित करें और उन्हें विश्वसनीय जानकारी प्रदान करें।

बिना पक्षपात कीए हुए और बिना किसी एक पक्ष की बात को रखते हुए स्रोत के अनुसार सही और सटीक जानकारी लोगों तक पहुंचाना ही एक पत्रकार का उद्देश्य है और साथ ही पत्रकारिता का भी यही उद्देश्य है।

पत्रकारिता का महत्व

जो देश विकास की ओर अग्रसर हैं वहां समाज के लोगों के सामने विभिन्न समस्याएं आती रहती हैं स्वस्थ समाज की दिशा में अग्रसर रहने के लिए इस प्रकार की समस्याओं का सही तरीके से निवारण करना आवश्यक होता है।

ऐसे में जरूरत होती है कि पत्रकारिता उस मिशन को सफल बनाएं आप तो जानते ही हैं कि भारत इस समय चीन के अतिक्रमण से बहुत परेशान है इसके साथ-साथ भारत के सामने आतंकवाद और पाकिस्तान के साथ युद्ध जैसी संभावनाएं भी सामने आती रहती है।

ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि पत्रकार जनता के सामने इन सभी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए सही राह बताएं भारतीय पत्रकारिता का महत्व इसी बात से पता चल जाता है कि भारतीय पत्रकारों ने किसी भी आपदा के समय समस्त समाज को देश हित में संगठित किया है और उनके मनोबल को ऊंचा बनाए रखा है।

पत्रकार को पत्रकारिता के महत्व को बनाए रखने के लिए हर समय खतरे के साए में रहना पड़ता है इस प्रकार की विपत्तियां एक पत्रकार के मनोबल को नहीं तोड़ती बल्कि उसे भविष्य के पत्रकारिता के लिए एक निर्मित पत्रकार के रूप में स्थापित करती हैं।

अगर आप संक्षेप में पत्रकारिता के महत्व को समझना चाहते हैं तो नीचे दिए गए बिंदुओं पर नजर डालें

  • दिन प्रतिदिन होने वाली गतिविधियों का सही और सटीक प्रकाशन।
  • विचारों के आदान-प्रदान का सही माध्यम बनाना।
  • स्तंभों, लेखों, स्रोतों तथा समाचारों के द्वारा एक स्वस्थ जनसाधारण और जनमत का निर्माण करना।
  • समाज के लिए उपयोगी और मनोरंजन की स्वस्थ और अच्छे साधन उपलब्ध कराना।
  • राष्ट्रीय और सामाजिक एकता में योगदान देना और सकारात्मक तत्वों को बढ़ावा देना।
  • साहित्य सांस्कृतिक और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना।

पत्रकारिता की आवश्यकता क्यों होती है

पत्रकारिता के बारे में सुनने से ही सबसे पहला प्रश्न उठता है कि पत्रकारिता की आवश्यकता क्यों पड़ी?

मनुष्य के ऐसा प्राणी है जो अपनी जिज्ञासा और कोतूहल को किसी भी तरीके से शांत करना चाहता है नए-नए प्रयोगों और घटनाओं से मनुष्य की जिज्ञासा और बढ़ जाती है।

मनुष्य की इसी जिज्ञासा को पूरा करने के लिए पत्रकारिता का निर्माण किया गया पत्रकारिता प्रत्येक क्षेत्र में लोगों की जिज्ञासाओं की पूर्ति करती है जैसी समस्याओं के निवारण बताती है, फिल्मी दुनिया के बारे में जानकारी देती है, साहित्य घटनाओं के बारे में जानकारी देती है आदि।

मनुष्य को जागृत करना और उसे देश दुनिया की विभिन्न खबरों के बारे में जानकारी देना पत्रकारिता के द्वारा ही संभव होता है। 

जिस प्रकार एक छोटे पौधे को जीवन देने के लिए खाद पानी और वायु की आवश्यकता होती है उसी प्रकार मनुष्य और समाज के संपूर्ण विकास के लिए पत्रकारिता की आवश्यकता होती है।

मान्यता प्राप्त पत्रकार कैसे बने

अगर आप ही पत्रकार बनना चाहते हैं तो इसके लिए सबसे पहले आपके अंदर एक लेखक की कला और उसके साथ-साथ देश-दुनिया की खबरों से लगातार अपडेट होने का हुनर होना चाहिए।

एक अच्छा पत्रकार बनने के लिए आपको अपने अंदर कब, क्यों, क्या, कैसे जैसे विचारों को पैदा करना पड़ेगा एक पत्रकार को सभी प्रकार की घटनाओं जैसे सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, कूटनीतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक आदि पर समाचार प्रस्तुत करने होते हैं।

अतः आपको इन सभी विषयों के बारे में जानकारी होनी चाहिए। अगर आपके अंदर ये सभी प्रकार की विशेषताएं हैं तो आप पत्रकारिता से संबंधित कोई कोर्स करके अच्छा पत्रकार बनने की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।

एक योग्य पत्रकार के अंदर कौन-कौन सी विशेषताएं होती हैं

एक अच्छे और योग्य पत्रकार के अंदर नीचे दी गई विशेषताएं होनी आवश्यक है

1. सक्रियता

एक सफल और योग्य पत्रकार बनने के लिए सबसे जरूरी है कि वह हर समय पर सक्रिय रहे यह सक्रियता उसे समाचार संकलन और प्रस्तुत करने में प्रभावी बनाती है।

अनुभवी पत्रकार सक्रिय रहकर ही अपने सूत्रों से सूचना प्राप्त करते हैं और उन्हें फिर समाचार के रूप में बदल कर दर्शकों के सामने पेश करते हैं।

2. विश्वसनीयता

विश्वसनीयता एक ऐसा गुण है जिसे बहुत ही मेहनत के बाद प्राप्त किया जाता है पत्रकार को संपर्क सूत्र से समाचार मिलते हैं पत्रकार को हमेशा विश्वसनीय बने रहना चाहिए ताकि समाचार नियमित रूप से उसे मिलते रहे।

संपर्क सूत्र इस बात का विशेष ध्यान रखता है कि जिस व्यक्ति को वह समाचार प्रदान कर रहा है वह विश्वास के पात्र है या नहीं

3. वस्तुनिष्ठता

यह गुण पत्रकार के कर्तव्य से जुड़ा हुआ है पत्रकार का कर्तव्य बनता है कि वह समाचार को कुछ इस तरह से पेश करें ताकि पाठक या दर्शक उसे समझते हुए अपना लगाव महसूस करें।

पत्रकार को चाहिए कि वह वस्तुनिष्ठ के साथ अपनी जिम्मेदारी पर भी ध्यान दे।

4. विश्लेषण क्षमता

अगर किसी पत्रकार के अंदर विश्लेषण क्षमता नहीं है तो वह समाचारों को प्रभावी ढंग से पेश नहीं कर पाएगा आज के पाठक तथा दर्शक केवल तथ्य से संतुष्ट नहीं होते उन्हें समाचार का विश्लेषण भी चाहिए होता है।

पाठक चाहता है कि उसे समाचार की विश्लेषण और व्याख्या मिले वह भी बिल्कुल संतुलित तरीके से। पत्रकार की विश्लेषण क्षमता दो स्तरों पर पहचानी जाती है समाचार संकलन के स्तर पर और लेखन के स्तर पर।

जो पत्रकार समाचार को समझने और प्रस्तुत करने में जितना ज्यादा अपनी विश्लेषण क्षमता का प्रयोग करता है उसका समाचार उतना ही ज्यादा प्रभावी होता है। इसे व्याख्यात्मक रिपोर्टिंग भी कहा जाता है।

5. भाषा पर अधिकार

समाचार लिखना एक कला होती है ऐसी स्थिति में पत्रकारों को समाचार लेखन कला में निपुण होना चाहिए। पत्रकार को भाषा पर अधिकार होना चाहिए तथा उसे इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि पाठक किस वर्ग से है।

जब कभी आप समाचार पत्र पढ़ते हैं तो वहां पर अलग-अलग समाचार के लिए अलग-अलग भाषा इस्तेमाल की जाती है जैसे खेल के समाचार, फिल्मों के समाचार, आर्थिक समाचार, आदि इन सभी की भाषा अलग होती है।

लेकिन उन सभी प्रकार के समाचारों में एक समानता होती है कि वह सभी सरल सीधी और आसानी से समझ में आ जाने वाली भाषा से जुड़े रहते हैं।

पत्रकारिता के कौन कौन से क्षेत्र है

पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण भाग समाचार पत्र होता है स्वतंत्रता प्राप्ति के पहले से आज के समय तक पत्रकारिता का क्षेत्र बहुत व्यापक हो गया है स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद निरंतर विकास और टेक्नोलॉजी ने समाचार पत्रों के साथ-साथ अनेक प्रकार की पत्र-पत्रिकाओं के विकास में योगदान दिया है।

आज के समय में पत्रकारिता के लिए कैमरा, फोटोग्राफी मोबाइल फोन तथा सोशल मीडिया की जानकारी होनी चाहिए पत्रकारिता के मुख्य रूप से 5 क्षेत्र माने जाते हैं।

1. आकाशवाणी

आकाशवाणी मतलब रेडियो आज के समय में भी लोगों के बीच मनोरंजन और सूचना के लिए सबसे सस्ता और सुलभ माध्यम है घर पर रहकर ही देश दुनिया के बारे में विभिन्न समाचार प्राप्त करना रेडियो के माध्यम से भी संभव होता है।

रेडियो पर 10 मिनट की बुलेटिन से ही देश विदेश से जुड़ी सभी खबरें प्राप्त हो जाती हैं रेडियो पर समाचार सुनने का सबसे महत्वपूर्ण फायदा यह है कि यहां पर आपको शिक्षित होने की आवश्यकता भी नहीं है।

2. दूरदर्शन

भारत में दूरदर्शन की शुरुआत 1959 में दिल्ली में हुई थी तब से लेकर अब तक दूरदर्शन का स्वरूप काफी बदल चुका है। दूरदर्शन भी आज के जमाने में पत्रकारिता का एक बहुत अच्छा क्षेत्र है।

आज के समय में लगभग हर घर में आपको टीवी मिल जाएगा जहां पर लोग विभिन्न न्यूज़ चैनलों पर देश-विदेश और अपने क्षेत्र से जुड़ी घटनाओं और गतिविधियों पर नजर रखते हैं।

दूरदर्शन मतलब टीवी को ज्यादा पसंद इसलिए किया जाता है क्योंकि यहां पर लोग सुनने के साथ साथ इलेक्ट्रॉनिक पत्रकारिता मतलब फोटो, वीडियो आदि भी देख सकते हैं।

3. समाचार पत्र

पत्रकारिता के क्षेत्र में सबसे महत्वपूर्ण समाचार पत्र ही है भले ही आज के जमाने में मोबाइल फोन, टेलीविजन तथा सोशल मीडिया की हेल्प से समाचार पढ़े जा सकते हैं लेकिन समाचार पत्र का अपना एक अलग ही प्रभाव है।

आज के समय में आपको विभिन्न प्रकार के समाचार पत्र मिल जाएंगे, जो क्षेत्र देश दुनिया से जुड़ी हुई राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक, फिल्मी, मनोरंजन और विज्ञान की खबरों को आप तक पहुंचाते हैं।

4. सोशल मीडिया

सोशल मीडिया इस डिजिटल जमाने में पत्रकारिता के एक नवीनतम क्षेत्र के रूप में उभरा है आज अगर आप देखोगे तो प्रत्येक न्यूज़ चैनल और समाचार पत्र का सोशल मीडिया हैंडल आपको मिलेगा जहां पर संबंधित चैनल और समाचार पत्र के द्वारा समय-समय पर खबरें पोस्ट की जाती है।

पत्रकारिता के इस क्षेत्र का एक फायदा यह भी है कि इस समय में लगभग प्रत्येक व्यक्ति सोशल मीडिया का इस्तेमाल करता है तो यहां पर संबंधित न्यूज़ चैनल या फिर अखबार को प्रमोशन करने का मौका मिल जाता है।

5. विज्ञापन

लगातार बदलते हुए जमाने की जरूरत और प्रतियोगिता ने उपभोक्ता की जीवन को प्रभावित किया है खाद्य सामग्री, कपड़े, रहन-सहन की सामग्री, मनोरंजन और सूचना आदि क्षेत्रों के उत्पादों ने समाज में अपनी जड़े जमा ली हैं।

यही कारण है कि जब कभी आप किसी चीज पर नजर डालते हैं तो आपको कोई ना कोई विज्ञापन दिखाई दे जाता है विज्ञापन, पत्रकारिता का एक नवीनतम क्षेत्र है विज्ञापन इतना आम हो चुका है कि आज के जमाने में बिना विज्ञापन के कोई भी न्यूज़ अधूरी सी लगती है।

पत्रकारिता से संबंधित प्रश्न

1. पत्रकारिता क्या है?

पत्रकारिता समाचारों और खबरों को इकट्ठा करने, विश्लेषण करने, बनाने और दर्शकों या पाठकों के सामने प्रस्तुत करने की एक प्रक्रिया है साधारण शब्दों में बताएं तो पत्रकारिता एक ऐसा माध्यम है जिसके द्वारा जनसाधारण देश और दुनिया से जुड़ी खबरों को जान पाते हैं।

2. भारतीय पत्रकारिता का संस्थापक कौन है?

भारतीय पत्रकारिता का संस्थापक राजा राम मोहन राय को माना जाता है राजा राममोहन राय एक समाज सुधारक विद्वान और भारत में पश्चिमी शिक्षा के पक्षधर थे।

3. पत्रकार कैसे बना जाता है?

पत्रकार बनने के लिए सबसे पहले आपके अंदर पत्रकारिता से संबंधित रूचि होनी चाहिए इसके बाद आप भारत में विधि द्वारा स्थापित किसी भी स्कूल/कॉलेज/विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में कोर्स कर सकते हैं।

4. पत्रकारिता के कौन-कौन से सिद्धांत होते हैं?

पत्रकारिता के सिद्धांतों में मुख्य रूप से सत्य और सटीकता, स्वतंत्रता, मानवता, जवाबदेही, स्रोत और निष्पक्षता जैसे सिद्धांत शामिल है।

5. एक अच्छे पत्रकार के अंदर कौन सी विशेषताएं होनी चाहिए?

एक अच्छे पत्रकार में निर्भीकता, वस्तुनिष्ठता, विश्वसनीयता, सक्रियता, भाषा पर अधिकार, निष्पक्षता और विश्लेषण क्षमता जैसे गुण होने चाहिए।

सारांश:

प्यारे पाठको हम उम्मीद करते हैं कि इस लेख के द्वारा आज आपने पत्रकारिता से जुड़े हुए महत्वपूर्ण सवाल जैसे पत्रकारिता क्या है, पत्रकारिता का क्या अर्थ होता है, पत्रकारिता का दायित्व तथा उद्देश्य क्या होते हैं, और एक अच्छा पत्रकार बनने के लिए क्या क्या योग्यताएं होनी चाहिए के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी प्राप्त की है।

हम आशा करते हैं कि आपको हमारा यह लेख पसंद आया होगा तथा आप इस जानकारी को ज्यादा से ज्यादा लोगों को पहुंचाने में हमारी मदद करेंगे। धन्यवाद