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अनौपचारिक पत्र कैसे लिखें? (5’पाँच उदाहरण’, प्रकार और प्रारूप) अनौपचारिक पत्र का फॉर्मेट क्या होता है

दोस्तों अगर आप अनौपचारिक पत्र क्या है, कैसे लिखें, इसका उदाहरण’, प्रकार और प्रारूप क्या है और अनौपचारिक पत्र कक्षा 4,5,6,7,8,9,10,11 इन हिंदी इंग्लिश में कैसे लिखे जानना चाहते हे तो

आज की इस पोस्ट के जरिए आप जानेंगे कि अनौपचारिक पत्र क्या होते हैं, अनौपचारिक पत्र(anopcharik patra) कैसे लिखते हैं तथा अनौपचारिक पत्र को लिखने का सही फॉर्मेट(informal letter format hindi), Anopcharik patra format क्या होता है।

बहुत से लोग ऐसे होते हैं जो अनौपचारिक पत्र लिखना तो चाहते हैं लेकिन उन्हें इसके फॉर्मेट Anopcharik Patra Format की सही से जानकारी नहीं होने के कारण वह अनौपचारिक पत्र नहीं लिख पाते हैं।

अगर आप अनौपचारिक पत्र का सही फॉर्मेट जानकर एक अच्छा अनौपचारिक पत्र लिखना चाहते हैं तो यहां पर हम आपको इस बारे में कंपलीट गाइड?(complete guide) देंगे।

अनौपचारिक पत्र(Anopcharik Patra) एक ऐसा पत्र होता है जिसके जरिए हम अपनी भावनाएं व्यक्त कर सकते हैं जब आप अपने दोस्तों तथा रिश्तेदारों को अनौपचारिक पत्र लिखते हैं तो ज्यादा अच्छे फॉर्मेट (Anaupcharik Patra Format) की जरूरत नहीं होती है लेकिन अगर आप पत्र लिखते समय अच्छा फॉर्मेट प्रयोग करते हैं तो वह देखने में भी सही होता है और पढ़ने में भी।

इस पोस्ट के जरिए हम आपको, पत्रों के प्रकार औपचारिक पत्र(Formal Letter) तथा अनौपचारिक पत्र(Informal Letter) और इनके फॉर्मेट के बारे में अच्छी तरह से जानकारी देंगे।

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Table of Contents

पत्र क्या है,पत्र लेखन एक क्या है (What Is Letter Writing)

कागज पर लिखे गए शब्दों के माध्यम से विचारों का आदान-प्रदान ही पत्र लेखन कहलाता है पुराने समय में विचारों के आदान-प्रदान करने के लिए पत्रों का ही प्रयोग किया जाता था। 

टेक्नोलॉजी के बढ़ते दौर में पत्र का चलन अब कुछ कम हो गया है लेकिन साहित्य की दुनिया में इसका अभी भी उतना ही महत्व है।

जिन बातों को लोग कहने में हिचकिचाते हैं और संकोच करते हैं उन्हें पत्र के माध्यम से आसानी से व्यक्त किया जा सकता है। पत्र लेखन का प्रयोग व्यक्तिगत, सामाजिक और प्रशासनिक तौर पर किया जाता है

पत्र लेखन के प्रकार(Types Of Letter Writing)

पत्र लेखन को मुख्य रूप से दो भागों में बांटा गया है औपचारिक पत्र लेखन और अनौपचारिक पत्र लेखन

1.औपचारिक पत्र(Formal Writing)

औपचारिक पत्रों की श्रेणी में उन पत्रों को रखा जाता है जो सरकारी, गैर सरकारी तथा व्यवसायिक संस्थानों को लिखे जाते हैं दूसरे शब्दों में अगर बताए तो औपचारिक पत्र एक ऐसा पत्र है जिसमें हमारा कोई व्यक्तिगत संबंध नहीं होता है।

औपचारिक पत्र मुख्य रूप से सूचना, संदेश तथा तथ्यों को प्रकट करने के लिए लिखे जाते हैं इस प्रकार के पत्रों में आपको अपनी समस्या को बहुत ही कम शब्दों में व्यक्त करना होता है। औपचारिक पत्रों की भाषा शैली एकदम सरल अनुशासित और शिष्टाचार पूर्ण होती है।

2.अनौपचारिक पत्र(Informal Writing)

अनौपचारिक पत्र के अंतर्गत मुख्य रूप से वह पत्र आते हैं जो आपसी संबंधों के लिए लिखे जाते हैं साधारण शब्दों में बताइए तो अनौपचारिक पत्र वह पत्र है जिसमें हमारा व्यक्तिगत संबंध होता है।

अनौपचारिक पत्र को लिखने के लिए ज्यादा सोच विचार करने की और भाषा शैली पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं होती है इन पत्रों को लिखने का उद्देश्य घरेलू तथा व्यक्तिगत होता है।

इस प्रकार के पत्र परिवारजनों, माता-पिता, भाई-बहन तथा मित्रों आदि के लिए लिखें जाते हैं अनौपचारिक पत्र को व्यक्तिगत पत्र भी कहा जाता है।

अनौपचारिक पत्र(Anopcharik Patra) क्या होते हैं

जब आप अपने किसी भाई-बहन या दोस्त या माता-पिता को उनके हाल चाल पूछने के लिए, बधाई देने के लिए या फिर उन्हें शुभकामनाएं देने के लिए पत्र लिखते हैं तो ऐसे Letters को अनौपचारिक पत्र(Informal Letter) कहा जाता है।

अनौपचारिक पत्र को सामाजिक पत्र या फिर व्यक्तिगत पत्र भी कहा जाता है इस तरह के पत्रों को लिखने के लिए सामान्य रूप से किसी खास फॉर्मेट की आवश्यकता नहीं होती है।

अनौपचारिक पत्र में प्रयोग की जाने वाली भाषा शैली बहुत ही साधारण होती है इस पत्र में लिखे जाने वाले शब्दों की संख्या पत्र लेखन करने वाले व्यक्ति पर निर्भर करती है।

अनौपचारिक पत्र(Informal Letter) कितने प्रकार के होते हैं? अनौपचारिक पत्र के प्रकार

अनौपचारिक पत्रों के नीचे दिए गए प्रकार मुख्य रूप से प्रयोग किए जाते हैं

  1. बधाई पत्र
  • शुभकामना पत्र
  • निवेदन पत्र
  • संवेदना/सहानुभूति/सांत्वना पत्र
  • नाराजगी/खेद पत्र
  • सूचना/वर्णन संबंधी पत्र
  • निमंत्रण पत्र
  • आभार-प्रदर्शन पत्र
  • अनुमति पत्र
  1. सुझाव/सलाह पत्र
  1. क्षमायाचना एवं आश्वासन संबंधी पत्र

अनौपचारिक पत्र(Anopcharik Patra) लिखने के लिए कुछ जरूरी बातें

अगर आप अनौपचारिक पत्र, Anopcharik Patra in Hindi और Patra Hindi लिखते हैं तो आपको नीचे दी गई बातों का विशेष रूप से ध्यान रखना पड़ता है

  1. पत्र लिखने की भाषा सरल और स्पष्ट होनी चाहिए।
  • पत्र में कहीं पर भी काट छांट नहीं होनी चाहिए।
  • पत्र ने बताई जाने वाली बातें विस्तार पूर्वक होनी चाहिए।
  • पत्र को लिखते समय उसकी शुरुआत और उसका अंत बहुत ही प्रभावशाली होना चाहिए।
  • पत्र लेखन करते समय आपकी राइटिंग स्पष्ट और साफ-सुथरी होनी चाहिए।
  • अपना पता(Address) और तिथि(Date) लिखने के बाद एक लाइन(Line) आगे छोड़कर पत्र लिखना चाहिए।
  • पत्र लिखते समय आयु, योग्यता तथा पद का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए।

अनौपचारिक पत्र में संबोधन के प्रकार

अनौपचारिक पत्र में बहुत सारे संबोधन शब्द प्रयोग किए जाते हैं संबोधन शब्द किस व्यक्ति के लिए किस प्रकार प्रयोग किए जाने चाहिए, इसके लिए हमने आपको नीचे गाइड किया है

  1. पूज्य– पिताजी, माताजी, गुरु जी आदि के लिए
  • आदरणीय– चाचाजी, मामाजी, चाचीजी, भाभीजी, मामीजी, दीदी, भाई साहब आदि के लिए
  • श्रद्देय– चाचाजी, गुरुवर आदि के लिए
  • प्रिय– भाई, बहन, मित्र आदि के लिए

अनौपचारिक पत्र का फॉर्मेट(Informal Letter Format Hindi)

  1. पता– पत्र में बाई और ऊपर की तरफ पत्र भेजने वाले का नाम और पता होता है।
  • दिनांक– जिस दिन पत्र लिखा जाता है उस दिन का दिनांक यह पत्र में बाएं तरफ पता(Address) के नीचे लिखा जाता है।
  • संबोधन– जिस व्यक्ति के लिए पत्र लिखा जा रहा है उससे आपके संबंध के अनुसार संबोधन लिखा जाता है।
  • अभिवादन– पत्र के संबंध में अभिवादन शब्द जैसे प्रणाम, नमस्ते, नमस्कार, चरण स्पर्श आदि।
  • मुख्य विषय– मुख्य विषय में 3 प्रकार के अनुच्छेदों का प्रयोग किया जाता है। पहले अनुच्छेद में मैं/हम यहां पर कुशल मंगल है आदि का प्रयोग किया जाता है दूसरे अनुच्छेद में पत्र लिखने के कारण का उल्लेख किया जाता है तथा तीसरे अनुच्छेद में परिवार व संबंधियों की कुशलता के बारे में कुछ वाक्य का प्रयोग किया जाता है।
  • समाप्ति– पत्र के अंत में पत्र लिखने वाले का संबंध जैसे आपका पुत्र, आपका भाई, आप की भतीजी आदि का प्रयोग किया जाता है।

अनौपचारिक पत्र कैसे लिखें(Anopcharik Patra Format in Hindi)

अनौपचारिक पत्र लिखने के लिए सबसे पहले आप एक लेटर पर बाई तरफ सबसे ऊपर अपना पता लिखते हैं और उसके बाद उसके नीचे जिस तारीख को आप लेटर लिख रहे हैं वह तारीख लिखते हैं।

इसके बाद आप जिस व्यक्ति के लिए पत्र लिख रहे हैं उससे आपके संबंध के अनुसार संबोधन लिखेंगे और फिर कुछ अभिवादन शब्द प्रयोग करेंगे।

यह करने के बाद अब आप जिस कारण से पत्र लिख रहे हैं उसके बारे में बताना शुरू करेंगे पत्र लिखने के कारण को आप तीन भागों में बताएंगे।

पत्र लिखने का कारण बताने के बाद अब आप, जिस व्यक्ति को पत्र लिखने हैं उससे अपने संबंधों के अनुसार को शब्द प्रयोग करेंगे और पत्र की समाप्ति कर देंगे।

अनौपचारिक पत्र के उदाहरण – अनौपचारिक पत्र pdf, anopcharik patra class 10th & 11th

1.छोटे भाई को पढ़ने लिखने के लिए अनौपचारिक पत्र – अनौपचारिक पत्र लेखन


महात्मा गांधी छात्रावास

संत कबीर नगर, मेरठ

29 जुलाई 2022

प्रिय मनोज, 

सदा खुश रहो।

तुम्हारे द्वारा लिखा गया पिछला पत्र मुझे सही समय पर मिल गया था, लेकिन अति व्यस्तता के कारण मैं उस पत्र का जवाब नहीं दे पाया था। मुझे उम्मीद है कि, तुम इसका बुरा नहीं मानोगे।

अभी हाल ही में ही मुझे पिताजी का एक पत्र मिला है जिसे कारण में बहुत ज्यादा चिंतित हो गया हूं। पिताजी को अपने एक मित्र के जरिए पता चला है कि तुम अपनी पढ़ाई लिखाई सही से नहीं कर रहे हो। पता चला है कि तुम अपना ज्यादातर समय सिनेमा, गपशप, मनोरंजन और खेलने मे ही बर्बाद कर रहे हो।

तुम्हें पता है कि पिताजी दिन रात मेहनत करके हमारे लिए साधन इकट्ठे करते हैं। ऐसी स्थिति में अगर हम उनके कठिन परिश्रम से प्राप्त धन और अपने समय का सदुपयोग नहीं करेंगे तो यह पिताजी के प्रति बहुत नाइंसाफी होगी।

सिनेमा जाकर फिल्में, देखना गपशप लड़ाना और खेल खेलना बुरी बात नहीं है लेकिन हर काम की एक सीमा होती है। और वैसे भी यह समय तो तुम्हारी पढ़ाई लिखाई का है और इस समय तुम्हारी परीक्षा भी निकट है। ऐसी स्थिति में तुम्हें अपना ध्यान पढ़ाई लिखाई पर लगाना चाहिए।

उम्मीद करता हूं कि भविष्य में ऐसी कोई भी बात तुम्हारे बारे में हमें सुनने को नहीं मिलेगी और तुम कठिन परिश्रम करके परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करके उत्तीर्ण होगे।

मेरे द्वारा लिखे गए इस पत्र का उत्तर देना और पिताजी को भी एक पत्र लिख देना।

तुम्हारा अग्रज,

संदीप कुमार सिंह


2. मित्र की नौकरी लगने पर बधाई देने के लिए अनौपचारिक पत्र – Anopcharik Patra examples


सेंट्रल लाइब्रेरी

ज़ी टीबी नगर नई दिल्ली

दिनांक 12 अप्रैल 2022

प्रिय मोहित, 

सप्रेम नमस्ते

कैसे हो मित्र? तुमने तो मुझे नहीं बताया लेकिन एक दिन आपके बड़े भाई हमारे घर पर आए थे उन्हें हमारे शहर में कुछ काम था वह 1 दिन के लिए हमारे घर पर रुके भी थे। वापस लौटने के बाद उन्होंने शायद इस बारे में तुम्हें बताया भी होगा।

आपके बड़े भाई ने हमें बताया कि तुम्हारी एक मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब लग गई है यह सुनकर हमें बहुत खुशी हुई। प्रिय मित्र तुम शुरू से ही बहुत ही परिश्रमी और होनहार थे नौकरी लगने पर अब आपके परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार हो जाएगा।

हो सकता है नौकरी के काम की वजह से तुम्हें आगे की पढ़ाई लिखाई में परेशानियों का सामना करना पड़े लेकिन मुझे पूरा विश्वास है कि तुम बहुत होनहार हो इसे संभाल लोगे। आपकी नौकरी लगने के लिए मेरे और मेरे परिवार की तरफ से बधाई।

बाकी सब कुछ अच्छा है आपके माता पिता और बड़े भाई को मेरी तरफ से सादर प्रणाम कहना और हो सके तो मेरे पत्र का जल्दी जवाब देना।

तुम्हारा प्रिय मित्र

अजय कुमार


3. बड़े भाई की शादी के लिए मित्र को पत्र – Anaupcharik Patra Format


केंद्रीय छात्रावास,

सरोजिनी नगर नई दिल्ली

दिनांक 12 अप्रैल 2022

प्रिय मित्र,

सप्रेम प्रणाम

प्रिय मित्र उम्मीद करता हूं कि तुम बहुत अच्छे हो गए मैं भी कुशल मंगल हूं दोस्त आपको यह जानकर बहुत खुशी होगी कि मेरे बड़े भाई का विवाह 24 अप्रैल 2022 को होना तय हुआ है।

मैं अपने पिछले पत्र में तुम्हें पहले यह बता ही चुका हूं कि मेरे बड़े भाई ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली से कंप्यूटर साइंस विषय में बीटेक किया है और वर्तमान में एक मल्टीनेशनल कंपनी में कार्य कर रहे हैं। मेरी होने वाली भाभी एक कॉलेज में प्रोफेसर है।

इस विवाह में तुम्हें और तुम्हारे परिवार को उपस्थित होना आवश्यक है मेरे माता-पिता भी निवेदन कर रहे हैं कि तुम अपने परिवार समेत विवाह में उपस्थिति दर्ज कराएं।

आप अपने परिवार जनों से कह देना कि वह अभी से ही रिजर्वेशन करा लें ताकि उन्हें आने में ज्यादा कठिनाई न हो। मित्र तुम तो जानते ही हो कि यह हमारे परिवार में पहली शादी है और शादी पर काम बहुत होता है इसलिए मेरा निवेदन है कि आप 1 दिन पहले आ जाएं और शादी के कामों में हाथ बटाए।

शेष सब कुशल मंगल है आपके उत्तर की प्रतीक्षा में

तुम्हारा परम मित्र,

विजय कुमार सक्सेना


4. वार्षिक परीक्षा में प्रथम आने पर एक पिता का पुत्र को पुरस्कार देने के संबंध में अनौपचारिक पत्र – Anaupcharik Patra Format


नेहरू छात्रावास, 

शास्त्री नगर मेरठ

दिनांक 5 अगस्त 2022

प्रिय पुत्र अर्जुन

चिरंजीवी रहो

प्रिय पुत्र तुमने अपने पिछले पत्र के जरिए हमें बताया था कि तुमने अपनी 11वीं की वार्षिक परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण करके कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

इस अच्छे समाचार को सुनकर मैं और तुम्हारी माताजी और तुम्हारे बड़े भाई बहुत प्रसन्न हैं और हमारा मन प्रफुल्लित हो गया है। पुत्र कक्षा में प्रथम आना आसान बात नहीं होती है इसके लिए निश्चित ही तुमने बहुत मेहनत और त्याग किया है।

पिछले पत्र में तुमने हमें यह भी बताया था कि तुम्हें एक स्मार्टफोन की जरूरत है जिससे तुम्हारी पढ़ाई लिखाई अच्छे से हो सके। इसी को ध्यान में रखते हुए मैंने और तुम्हारी माताजी ने एक अच्छा स्मार्टफोन खरीद कर तुम्हें डाक के द्वारा भेज दिया है।

जैसे ही तुमको स्मार्टफोन मिलता है, हमें इस बारे में सूचित करना। पुत्र हम उम्मीद करते हैं कि स्मार्टफोन से तुम अपनी पढ़ाई बहुत अच्छे से करोगे और भविष्य में इसी तरह अपनी कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करोगे।

तुम्हारे पिताजी,

शंकर दयाल शर्मा


5. माता जी की मृत्यु होने पर मित्र को शोक प्रकट करने के लिए पत्र – Informal Letter Format Hindi


यमुना एनक्लेव अपार्टमेंट,कमरा नंबर 305

NH 24 गाजियाबाद

दिनांक 2 अगस्त 2022

प्रिय मित्र महेश, 

सादर नमस्कार 

चिरंजीवी रहो

प्रिय मित्र आज ही तुम्हारा शोक भरा हुआ पत्र प्राप्त हुआ। माताजी की असमय देहांत की खबर पढ़कर मैं तो सन्न रह गया। माताजी के खराब स्वास्थ्य के बारे में मैं जानता ही था लेकिन वह इतनी जल्दी हम लोगों को छोड़कर चली जाएंगी यह नहीं सोचा था।

इस खबर को सुनकर तुम्हारे परिवारजन बहुत रोए होंगे और शोकग्रस्त होंगे। मेरे अजीज दोस्त मृत्यु को कोई नहीं टाल सकता यह परम सकते हैं लेकिन तुम्हें इस दुख की घड़ी में धैर्य बनाए रखना है, क्योंकि ऐसे समय पर ही इंसान की पहचान होती है।

मित्र तुम्हें नियति के दंड को स्वीकार करना होगा और यह मानना होगा कि यह प्रकृति का नियम है। मेरे दोस्त तुम्हें इस सच्चाई को स्वीकार करते हुए अपने कलेजे पर पत्थर रखकर अपने कामों को नियमित रूप से करना होगा।

परमात्मा तुम्हारी दिवंगत माता की आत्मा को शांति दे विपत्ति की इस घड़ी में मैं खुद तुम्हारे पास आकर दुख बांटूगा। मैं कुछ जरूरी काम खत्म करके अगले हफ्ते मिलने के लिए आ रहा हूं शेष बातें मिलने पर।

तुम्हारा परम मित्र 

मुकेश कुमार


अनौपचारिक पत्र 2022(Anopcharik Patra Kise Kahate Hain) से संबंधित प्रश्न

1. अनौपचारिक पत्र क्या होते हैं?

ऐसी पत्र जो मुख्य रूप से आपसी संबंधों के लिए लिखे जाते हैं अनौपचारिक पत्र कहलाते हैं जैसे एक भाई का भाई को पत्र, एक पिता का पुत्र को पत्र, एक माता का अपनी पुत्री को पत्र आदि।

2. अनौपचारिक पत्र लिखते समय आप किन निर्देशों का पालन करेंगे?

अनौपचारिक पत्र लिखते समय आपकी भाषा सरल और स्पष्ट होनी चाहिए, पत्र में काट छांट नहीं होनी चाहिए, पत्र में संबंधों के अनुसार संबोधन और अभिवादन शब्दों का प्रयोग किया जाना चाहिए।

3. अनौपचारिक पत्र लिखते समय क्या लिखा जाता है?

अनौपचारिक पत्र लिखते समय सबसे पहले पत्र लिखने वाले का नाम और पता, पत्र लिखने का तिथि, संबोधन शब्द, अभिवादन शब्द, मुख्य विषय और अंत में पत्र की समाप्ति के बारे में लिखा जाता है।

4. एक अनौपचारिक पत्र को कैसे संबोधित करते हैं?

एक अनौपचारिक पत्र को संबोधित करने के लिए पूज्य, आदरणीय, प्रिय आदि शब्दों का प्रयोग किया जाता है।

5. छोटों को पत्र लिखते समय अभिवादन में क्या लिखा जाता है?

अगर आप अपने से छोटे लोगों को अनौपचारिक पत्र लिख रहे हैं तो आपको अभिवादन के रूप में, सादर नमस्कार, चरण स्पर्श, सादर प्रणाम, आपका बेटा, आपकी बेटी, पोता, पोती, चिरंजीवी, प्रिय, प्यारे आदि शब्दों का प्रयोग करना चाहिए।

सारांश –

इस पोस्ट के जरिए आज आपने औपचारिक पत्र क्या होते हैं, अनौपचारिक पत्र के कितने प्रकार होते हैं, अनौपचारिक पत्र को कैसे लिखते हैं और औपचारिक पत्र का फॉर्मेट(Anaupcharik Patra Format) क्या होता है के बारे में जानकारी प्राप्त की है।

अगर आप समझते हैं कि इस पोस्ट को पढ़कर आप अनौपचारिक पत्र को सही फॉर्मेट में लिख सकते हैं तो इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा लोगों को शेयर करें ताकि उनकी भी मदद हो सके।